
चित्रा बिष्ट
चित्रा बिष्ट का जन्म लखनऊ में हुआ। इन्होंने अंग्रेज़ी साहित्य में उच्च शिक्षा प्राप्त करी है, और यह हिंदी और अंग्रेज़ी, दोनों भाषाओं में लिखती हैं। इनकी कविताएँ न केवल ऑनलाइन मंचों पर लोकप्रिय हैं, बल्कि अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में भी स्थान पा चुकी हैं। इनकी कविताओं का संग्रह 'अनुभूति' नाम से प्रकाशित हुआ है। चित्रा की कविताओं में सामाजिक सरोकार, रिश्तों की गहराई और प्रकृति के विभिन्न रंग देखने को मिलते हैं। मानवीय संवेदनाओं जैसे 'हास्य' और 'करुणा' को एक साथ पन्नों पर उतारना इनकी ख़ासियत है। लेखन के अलावा इन्हें समय-समय पर काव्य गोष्ठियों और मंचों पर अपनी कविताएं सुनाने का शौक़ है। गायन और मंच संचालन में भी इनकी बेहद रूचि है।
इंस्टाग्राम - @chitrakikavita
एक जीव की मौत
एक क्षण पहले स्पंदन था
रगों में बहाव जीवन का
दौड़ता कूदता उमंग से भरा
जब चौपहिये के नीचे गया धरा
और अब
शिथिल हुई देह गति गई थम
पड़ा सड़क पर बेजान, बेदम
बस बहता है लहू अविराम
उजले जीवन की अंधियारी शाम
नागिन सी काली सड़क पर
बिखरे पङे अंग प्रत्यंग
नाकाम सी कोशिश करता
जीतने की आखिरी जंग
जीवन और मृत्यु का
इतना कम है फासला
अभी चल रहा सोच विचार
अभी ख़त्म हुआ मसला